• Wed. Jun 12th, 2024

आपका समाचार

आपसे जुड़ी ख़बरें

उस मंदिर का भयावह मंजर का दास्ता सुनकर कांप जाएगा आपका रुह जहां से शुरु हुई थी नूंह हिंसा

नूंह

नूंह एक ऐसी जगह जहां से शुरु हुई थी बर्बरता की कहानी, जहां हिंदुओं की आस्था के साथ किया गया था खिलवाड़ और जहां से सावन के इस पवित्र महिने में भी चलाई गई थी शिव मंदिर पर पत्थर और देखते ही देखते हरियाणा का यह स्थान बदल गया पूरी तरह से छावनी में। देश के सैकड़ों चैनल के लगे कैमरों ने कैद किया यहां के मंजर को जो चीख चीख कर अपनी दास्ता बयान कर रहा था। नूंह के नलहर महादेव मंदिर में उपद्रवियों की ओर से फेंके गए पत्थर, जले हुए वाहन और सशस्त्र सुरक्षाकर्मी- यह मंजर बताने को काफी हैं कि सोमवार की दोपहर यहां फंसे 2500 लोगों को किस स्थिति से गुजरना पड़ा।

नलहर महादेश मंदिर से ही सोमवार को निकाली गई थी बृजमंडल जलाभिषेक यात्रा और फिर देखते ही देखते जब यहां पर माहौल बिगड़ना शुरु हुआ और प्रशासन कुछ कर पाती उससे पहले ही भगदड़ मच गई और अभी तक मिली जानकारी के अनुसार 5 लोगों की मौत हो चुकी है और साथ ही 30 से अधिक लोग अभी तक घायल हो चुके हैं जिन्हें अस्पताल में भर्ती किया गया है। जिस मंदिर से इस हिंसक घटना की शुरुआत हुई वह नूंह कस्बे से लगभग 7 किलोमीटर की दूरी पर स्थित अरावली पर्वत के बीच बसा हुआ है।

पुलिस कर्मियों को भी बनाया गया निशाना

उपद्रवियों ने नूंह के इस पवित्र मंदिर पर पत्थर फेंके और गोलीबारी की। अचानक हुए भगदड़ में लोगों ने अपनी जान बचाने के लिए घंटो मंदिर के किनारे खड़े रहे और फिर वहां के स्थानीय पुलिस पर भी पत्थरबाजी की गई। पुलिस प्रशासन को समझ आ गया था कि उनकी संख्या उपद्रवियों से कम हैं और वह इस परिस्थिति में नहीं निपट सकते इसलिए अर्धसैनिक बल को बुलाया गया और पांच घंटों के मसकत के बाद शाम तक फंसे लोगों को सुरक्षित निकाला गया। इसके साथ ही उपद्रवियों ने वहां पर कुल 50 से अधिक वाहनों को भी आग के हवाले कर दिये थे उन्हें भी मंदिर परिसर से बाहर किया गया।

बताया जा रहा है कि नुूंह हिंसा को लेकर अभी तक 70 से अधिक लोगों को गिरफ्तार किया गया है जबकि 44 से अधिक एफ.आई.आर. दर्ज किया गया है।  इतना ही नहीं नूंह हिंसा का असर अब धीरे-धीरे आस-पास के इलाकों में भी पढ़ रहा है और इसी का परिणाम है कि गुरुग्राम में धर्मिक नारे लगाते मस्जिद में आग लगा दी और फिर बादशाहपुर सोहना रोड पर बनी झुग्गियों में आग लगा दी गई। कई दुकानों पर उपद्रवी हमलावर हो गए। कई दुकानें जबरन बंद कराई गईं। माहौल बिगड़ता देख पुलिस बादशाहपुर में मौके पर पहुंची। मौके पर पुलिस और पक्ष विशेष के बीच झड़प हुईं। दो समुदायों की लड़ाई में पुलिस और प्रशासन के अनुसार संवेदनशील इलाके से इतर 24 घंटे में कई अलग इलाकों पर घटना हुई। अतिरिक्त पुलिस बल लगाने के बजाय गिनती के पुलिस कर्मियों के सहारे साम्प्रदायिक घटना रोकने का प्रयास जारी रहा।

हरिायाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर का भी इस पर बयान बयान आया है। सीएम खट्टर ने कहा है कि

सुनियोजित और षडयंत्र पूर्ण तरीके से नूंह में सामाजिक यात्रा को भंग करने के लिए आक्रमण किया गया और पुलिस को भी निशाना बनाया गया, जो बड़ी साजिश की तरफ इशारा करता है। केंद्र और प्रदेश सरकार की ओर से भेजे गए सुरक्षा बल फिलहाल वहाँ तैनात हैं और स्थिति पर नियंत्रण पा लिया गया है। मामले में कई FIR दर्ज की गई हैं, कुल 70 लोगों को अभी तक हिरासत में लिया गया है, किसी भी उपद्रवी को बख्शा नहीं जाएगा। आगे भी हालात सामान्य रहें, यह हम सुनिश्चित करेंगे।

 

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *