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Delhi ordinance latest Update राघव चड्ढा के राज्यसभा सभापति को अध्यादेश के खिलाफ लिखा पत्र तो भाजपा ने दिया जवाब 

राघव चड्ढा

नई दिल्ली:- दिल्ली में केंद्र सरकार द्वारा लाया गया अध्यादेश ऐसा लग रहा है कि देश भर की राजनीति रूपरेखा को बदलने में एक अहम भूमिका निभाने वाली है और उसका असर 2024 लोकसभा में भी देखने को मिलने वाला है। अध्यादेश के खिलाफ अरविंद केजरीवाल पूरे विपक्ष को एकजुट करने में लगे हुए हैं तो दूसरी तरफ विपक्ष भी एक जुट होकर 2024 की तैयारी करने में लग गया है।

इसी बीच आम आदमी पार्टी की ओर से केंद्र सरकार के लाते अध्यादेश को काला अध्यादेश बताकर इसका भरपूर विरोध किया जा रहा है। इस विरोध का कारण है मुख्यमंत्री ही नहीं बल्कि राज्य सरकार के अधिकारों का हनन होने की आशंका। इसी को लेकर आप राज्यसभा सांसद राघव चड्ढा ने राज्यसभा सभापति को एक लेटर लिखा है और इस पत्र में उन्होंने राज्यसभा चेयरमैन को पत्र लिखकर यह अवगत कराया है कि केंद्र सरकार द्वारा दिल्ली सरकार की शक्तियां छीनने वाला जो अध्यादेश लाया गया है उसे संसद में पेश करना जायज़ नहीं है और इसके 3 कारण भी दिए हैं।

राघव चड्ढा द्वारा लिखा पत्र
राघव चड्ढा द्वारा लिखा पत्र

11 मई 2023 को सुप्रीम कोर्ट की संवैधानिक पीठ ने सर्वसम्मित से निर्णय दिया था जिसके तहत तमाम शक्तियां अफसरशाही से संबंधित, अफसरों से काम लेने और देने संबंधित शक्ति अरविंद केजरीवाल की सरकार में है। इसके मात्र 8 दिन के बाद केंद्र इस फैसले को एक अध्यादेश लाकर पलट देती है। मुझे उम्मीद है कि सभापति अध्यादेश को पेश करने की अनुमति नहीं देंगे और सरकार को इसे वापस लेने का निर्देश देंगे। इसी को लेकर भाजपा के दिल्ली अध्यक्ष वीरेंद्र सचदेवा ने भी प्रतिक्रिया दी है।

https://twitter.com/AamAadmiParty/status/1682995163139031041?t=VMgZDl0bHjWfyGTbkzxufA&s=08

दिल्ली भाजपा अध्यक्ष वीरेंद्र सचदेवा ने कहा है कि राज्यसभा सांसद राघव चड्ढा द्वारा दिल्ली अध्यादेश विधेयक पेश न करने देने का अनुरोध करते हुए लिखा गया पत्र उनकी पार्टी की राजनीतिक हताशा की अभिव्यक्ति के अलावा और कुछ नहीं है।

आम आदमी पार्टी के नेताओं ने अध्यादेश को कानून में बदलने से रोकने के लिए हर राजनीतिक और न्यायिक अवसर के उपयोग की कोशिश की, लेकिन संसद में विधेयक को हराने के लिए संख्या जुटाने में विफल रहे, इसलिए अब वे शहादत का खेल खेलने के लिए तैयार हैं।

अरविंद केजरीवाल दिल्ली अध्यादेश के खिलाफ समर्थन मांगने के लिए अन्य राजनीतिक नेताओं के पास गए, लेकिन संख्या जुटाने में असफल रहे और सुप्रीम कोर्ट से रोक पाने के तत्काल राहत के उनके प्रयास भी विफल रहे।

सचदेवा ने कहा है कि आज जब राजनीतिक गणित एवं न्यायालय दोनों से मनमानी की राहत नही मिली तो आम आदमी पार्टी नेता राज्यसभा सभापति से राहत चाहते हैं जबकि कुछ माह पूर्व इन्ही सभापति के उचित बंगले में स्थान्तरित होने के निर्देश के विरूद्ध न्यायालय पहुंच गये थे।

दिल्ली भाजपा अध्यक्ष ने कहा है कि यह आश्चर्य की बात है कि आम आदमी पार्टी के दिल्ली से 3 राज्यसभा सांसद हैं लेकिन पत्र पंजाब के एक राज्यसभा सांसद ने लिखा है।वीरेंद्र सचदेवा ने कहा है कि दिल्ली के लोग आज आश्चर्यचकित हैं कि ऐसे समय में जब दिल्ली 2 सप्ताह में दूसरी बाढ़ के खतरे में है, अरविंद केजरीवाल सरकार दिल्ली के नदी तटों और जल निकासी में सुधार के लिए काम करने के बजाय सत्ता का खेल खेलने में व्यस्त है।

By Rohit

सीवान से आते हैं इसलिए राजनीति ब्लड के साथ ही लेकर आए हैं। कुछ काम नहीं है इसलिए लिखने का काम शुरु कर दिया। बाकी क्वालिटी के नाम पर बकैती के अलावा कुछ नहीं सिर्फ काम करवा लो चाहे जितनी मर्जी।

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