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दिल्ली विधेयक सेवा बिल बना कानून भाजपा ने किया स्वागत तो आप के बताया लोकतंत्र के मुंह पर तमाचा

दिल्ली विधेयक

दिल्ली में विधेयक बिल का आज पूरे दिन चर्चा होता रहा। लोकसभा में बिल पारित होने के बाद आज विस्तृत रुप से राज्यसभा में चर्चा हुई लेकिन इस बात का समर्थन अभी भी आम आदमी पार्टी को नहीं मिल पाया है और यह कहा जा रहा है कि अब यह बिल कानून बन जाएगा। कांग्रेस पूरी तरह से आम आदमी पार्टी के समर्थन में है। इसको लेकर कांग्रेस नेता अभिषेक सिंह मनवी ने कहा कि केंद्र सरकार सुपर सीएम लाना चाहती है।

इसके बाद सदन से बाहर जब अतिशी उपस्थित थी और उनसे पूछा गया तो उन्होंने कहा कि ये बहुत दुख की बात है कि चुनी हुई केंद्र सरकार दिल्ली सरकार की शक्ति छीनने की कोशिश कर रही है। आज संसद भवन में एक अवैध, असंवैधानिक, गैर-लोकतांत्रिक बिल लाया जा रहा है। मेरा मानना है कि अगर यह बिल पास होकर कानून बन जाता है तो यह संविधान और लोकतंत्र के मुंह पर तमाचा है।

राज्यसभा सांसद ने आज महाभारत की स्लोगन के साथ आज का सेशन स्पीच शुरु किया और संविधान बदलने का आरोप लगा डाला। चड्ढा का कहना है कि हम धर्म की लड़ाई लड़ रहे हैं और भाजपा अधर्म की। भाजपा यह बिल लाकर दो करोड़ लोगों को अपना गुलाम बना चाहती है और दिल्ली सरकार के अधिकारों को छिनकर एक ऐसे हाथ में देना चाहता है जो कभी भी किसी वक्त यह कह दे कि देश में चुनाव नहीं होगा।

लेकिन इस विधेयक के बारे में काफी चर्चा होने के बाद आखिरकार यह 7 अगस्त को कानून बन गया। इसपर दिल्ली भाजपा अध्यक्ष वीरेंद्र सचदेवा ने संसद में दिल्ली सेवा विधेयक 2023 के पारित होने का स्वागत किया है और कहा है कि 7 अगस्त 2023 दिल्ली के इतिहास में एक उल्लेखनीय तारीख बन गई है क्योंकि आज से दिल्ली का प्रशासन संविधान की भावना के अनुसार चलेगा।

संविधान ने दिल्ली को एक राष्ट्रीय राजधानी और केंद्र शासित प्रदेश के रूप में देखा था, लेकिन दुर्भाग्य से सीएम अरविंद केजरीवाल सरकार ने अपनी राजनीतिक संख्या बल का हवाला देकर उस प्रशासनिक प्रोटोकॉल का उल्लंघन करने की कोशिश की जिसके साथ दिल्ली का प्रशासन पिछले 7 दशकों से चल रहा था।

श्री सचदेवा ने कहा कि पिछले 8 वर्षों में यह देखना चौंकाने वाला रहा है कि सीएम केजरीवाल और उनके मंत्री अपने अराजक शासन एजेंडे का समर्थन करने के लिए अधिकारियों को मारने पीटने की कोशिश तक कर गये हैं।

जिस तरह से केजरीवाल सरकार ने अधिकारियों को फेलोशिप नौकरियों पर अपने 437 पार्टी कैडरों की नियुक्ति की अनुमति देने को बाध्य किया, एक हजार से अधिक अन्य पार्टी कैडरों को समवर्ती और अनुबंध नौकरियों पर नियुक्त करवाया, वह अरविंद केजरीवाल सरकार के तहत प्रशासनिक भ्रष्टाचार के बारे में बहुत कुछ बताता है।

श्री सचदेवा ने कहा है कि चाहे पूर्व मुख्य सचिव के साथ दुर्व्यवहार की घटना हो या 2 वरिष्ठ महिला आईएएस से दुर्व्यवहार या दिल्ली के सचिव सेवा और सचिव सतर्कता को मनमाने ढंग से स्थानांतरित करने की कोशिश और आधी रात को सचिव सतर्कता के कार्यालय का ताला तोड़ने की घटनाएं, सभी ने केंद्र सरकार को दिल्ली सेवा विधेयक 2023 लाने के लिए मजबूर करने में योगदान दिया है।

दिल्ली बीजेपी अध्यक्ष ने कहा है कि इस विधेयक के पारित होने से 2015 से चल रहे अराजक शासन प्रक्रिया का अंत हो गया ।

दिल्ली भाजपा अध्यक्ष वीरेंद्र सचदेवा ने संसद में दिल्ली सेवा विधेयक 2023 के पारित होने का स्वागत किया और कहा कि 7 अगस्त दिल्ली के इतिहास में ऐतिहासिक बन गया है क्योंकि आज से दिल्ली का प्रशासन संविधान की भावना के अनुसार चलेगा।

सचदेवा ने कहा कि संविधान ने दिल्ली को एक राष्ट्रीय राजधानी और केंद्र शासित प्रदेश के रूप में देखा था, लेकिन दुर्भाग्य से सीएम केजरीवाल सरकार ने अपनी राजनीतिक संख्या बल का हवाला देकर उस प्रशासनिक प्रोटोकॉल का उल्लंघन करने की कोशिश की जिसके साथ दिल्ली का प्रशासन पिछले 7 दशकों से चल रहा था।

उन्होंने कहा कि पिछले 8 वर्षों में सीएम केजरीवाल और उनके मंत्री अपने अराजक शासन एजेंडे का समर्थन करने के लिए अधिकारियों को मारने पीटने की कोशिश तक कर गये हैं। सरकार ने अधिकारियों को फेलोशिप नौकरियों पर अपने 437 पार्टी कैडरों की नियुक्ति की अनुमति देने को बाध्य किया, एक हजार से अधिक अन्य पार्टी कैडरों को समवर्ती और अनुबंध नौकरियों पर नियुक्त करवाया, वह अरविंद केजरीवाल सरकार के तहत प्रशासनिक भ्रष्टाचार के बारे में बहुत कुछ बताता है।

सचदेवा ने पूर्व की घटनाओं को याद करते हुए कहा है कि चाहे पूर्व मुख्य सचिव के साथ दुर्व्यवहार की घटना हो या 2 वरिष्ठ महिला आईएएस से दुर्व्यवहार या दिल्ली के सचिव सेवा और सचिव सतर्कता को मनमाने ढंग से स्थानांतरित करने की कोशिश और आधी रात को सचिव सतर्कता के कार्यालय का ताला तोड़ने की घटनाएं, सभी ने केंद्र सरकार को दिल्ली सेवा विधेयक 2023 लाने के लिए मजबूर करने में योगदान दिया है और 2015 से चले आ रहे अराजक सरकार का अंत है।\

 

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By Rohit

सीवान से आते हैं इसलिए राजनीति ब्लड के साथ ही लेकर आए हैं। कुछ काम नहीं है इसलिए लिखने का काम शुरु कर दिया। बाकी क्वालिटी के नाम पर बकैती के अलावा कुछ नहीं सिर्फ काम करवा लो चाहे जितनी मर्जी।

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